न्यूज प्रहर -18-09-2020

18/09/2020,5:04:50 PM.

लीड खबर


फोटो का टाइटल—– रानीगंज से फिर चुनाव लड़ने को तैयार सोहराब अली

-सोहराब अली ने 2011 में रानीगंज में वाम किला फतह किया था

-2016 में उनकी जगह उनकी पत्नी ने लड़ा था चुनाव, मिली थी हार

V0——अगले साल पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से राजनीतिक पार्टियों और उनके नेताओं में उत्सुकता दिख रही है।… और, तैयारी भी शुरू हो गई है।..रानीगंज से 2011 में तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर सोहराब अली चुनाव जीते थे। लेकिन 2016 का चुनाव वह नहीं लड़ पाये थे क्योंकि वे एक मामले में आरोपी थे और चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो गए थे। उनकी जगह तृणमूल कांग्रेस ने उनकी पत्नी नरगिस बानो को टिकट दिया था लेकिन वह सीपीएम से हार गई थीं। बहरहाल 2021 के चुनाव के लिए सोहराब अली अभी से मन बना रहे हैं। वैसे चर्चा भी है कि सोहराब अली को फिर से रानीगंज से टिकट मिल सकता है। सोहराब भी इसकी उम्मीद लगाए बैठे हैं। न्यूज प्रहर से एक इंटरव्यू में उन्होंने यह स्वीकार किया वह रानीगंज से फिर चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं…….BYTE

रानीगंज एक भूधंसान प्रभावित इलाका है। यहां पानी की बेहद समस्याएं रही हैं। लेकिन सोहराब अली का कहना है कि इसके लिए काम किया गया है। खासकर आसनसोल नगर निगम क्षेत्र में आने के बाद रानीगंज में काफी काम हुआ है…..,…BYTE

पूर्व विधायक सोहराब अली का मानना है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ना सिर्फ अल्पसंख्यक बल्कि सभी समुदाय के लिए काम किया है…….BYTE

ममता बनर्जी बंगाल में फिर से सत्ता में आने के लिए जी तोड़ प्रयास कर रही हैं। पार्टी के एक नेता होने के नाते सोहराब का भी मानना है कि 2021 में जरूर तृणमूल कांग्रेस की सरकार बनेगी।….BYTE

रानीगंज के पूर्व विधायक सोहराब अली बीजेपी को कोई महत्व नहीं देते हैं और कहते हैं कि तृणमूल कांग्रेस के लिए बीजेपी कोई खतरा नहीं है…..BYTE

अल्पसंख्यक वर्ग से आने वाले सोहराब अली का मानना है कि रानीगंज और आसनसोल में हुए कम्यूनल टेंशन की वजह से तृणमूल कांग्रेस को कोई नुकसान नहीं होगा बल्कि बीजेपी अपने इरादे में विफल रही है….—BYTE


 

-धनबाद में बर्नपुर की 11 साल की बच्ची के साथ घोर यातना

-बच्ची के चेहरे, नाक, हाथ-पैर में चोट के गहरे निशान

ये बच्ची उन परिवारों के लिए सबक हैं जो किसी परिचित या अपने रिश्ते के लोगों के यहां अपने बच्चों को छोड़ देते हैं ताकि उसका परवरिश बेहतर ढंग से हो सके। दरअसल यह बच्ची झारखंड के धनबाद से अपने घर बर्नपुर के ध्रुव डंगाल इलाके में लाई गई है…जब यह घर आई तो इसे देख कर इसके माता पिता को काफी सदमा लगा…बच्ची के चेहरे, कान, हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्से में चोट के निशान हैं….और जब इस बच्ची, जिसका नाम आशा कर्मकार है, ने सच बताया तो इसके गरीब माता-पिता के होश उड़ गए।….

दरअससल मां जावा कर्मकार और पिता बाप्पी कर्मकारी अपनी 11 साल की बच्ची को धनबाद में रहने वाले एक परिवार को दिया था। ये लोग पहले उसी परिवार के घर में किराये पर रहते थे….मकान मालिक ने कहा था कि वे बच्ची को अच्छे से रखेंगे और उसकी देखभाल करेंगे। चूंकि जावा और बाप्पी मुश्किल से अपना घर चला पा रहे थे, उन्होंने अपनी बच्ची आशा की बेहतरी के लिए उस परिवार को सौंप दिया, लेकिन वहां ठीक उल्टा देखने को मिला…–बाइट——-मां- पिता-

धनबाद में इस 11 साल की बच्ची आशा से बहुत काम कराया जाता और उसे बहुत मारापीटा जाता….आज भी बच्ची के चेहरे पर दहशत साफ देखी जा सकती है…..उसके पूरे बदन में मारपीट के निशान हैं..यही वजह है कि अब भी यह बच्ची सदमे में दिखाई देती है….और कुछ पूछने पर बड़ी मुश्किल से वह जवाब दे पाती है………बाइट–बच्ची

आशा के माता-पिता चाहते हैं कि उन लोगों को सजा मिले जिसने उनकी बच्ची के साथ मारपीट की, उसे यातना दी है। इसके लिए वे  हीरापुर थाना भी गए…लेकिन यहां से उन्हें न्याय नहीं मिला।…..तब उन्होंने अपने वार्ड के लोगों से मदद की गुहार लगाई है…वार्ड प्रेसिडेंट राजेश सिंह ने आशा को न्याय दिलाने के लिए फिर से पुलिस अधिकारियों के बात करने का भरोसा दिया है…——बाइट


-रानीगंज के बासड़ा में आग लगने से चार लोग जले, एक बच्चे की मौत

रानीगंज के बांसड़ा इलाके में गुरुवार की रात एक घर में आग लग गई जिससे एक महिला और उसके दो बच्चे जल गए। इस घर में रह रहे एक रिश्तेदार का बच्चा भी जल गया। लेकिन इस आग लगने की घटना में तीन साल के बच्चे आयुष भूइंया की मौत हो गई। जबकि महिला और दो बच्चे आसनसोल जिला अस्पताल में भर्ती हैं। वे आग से झुलस गए हैं।…घटना के बारे में बताया गया है कि गुरुवार की रात महिला अपने घल में खाना बना रही थी तभी उसकी साड़ी में आग लग गई।..उसने बचने के लिए हड़बड़ी में जलती साड़ी को खोल कर घर में ही फेंक दिया जिससे घर में पड़े दूसरे कपड़े में आग लग गई….देखते-देखते पूरा घर जलने लगा…इस आगजनी में महिला और उसके दो बच्चे और रिश्तेदार का एक बच्चा चपेट में आ गए। तीन साल का आयुष बुरी तरह से जल गया था जिससे उसकी मौत हो गई….बाकी लोग भी झुलसे हैं। इधर शुक्रवार को घटना की खबर पाकर ब्लॉक अधिकारी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार के लिए भोजन की व्यवस्था की है….

 

 

 

 

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