पाकिस्तान प्रायोजित नार्को आतंकी मामला: एनआईए ने 10 आरोपितों के खिलाफ पेश की चार्जशीट

20/10/2020,8:51:00 PM.

– राष्ट्रीय जांच एजेंसी का बड़ा खुलासा: भारत में आतंकियों की फंडिंग के लिए पाकिस्तान नार्को टेरर मॉड्यूल का कर रहा था इस्तेमाल

– आरोपितों से 98.5 लाख रुपये, 8 वाहन और 3 किलोग्राम हेरोइन हुई बरामद

 

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम) के नार्को आतंकी मामले में मोहाली में एनआईए की विशेष अदालत में 10 आरोपितों के खिलाफ मंगलवार को चार्जशीट पेश करते हुए बड़ा खुलासा किया है। आरोप पत्र में एनआईए ने कहा है कि भारत में आतंकियों की फंडिंग के लिए पाकिस्तान इस नार्को टेरर मॉड्यूल का इस्तेमाल कर रहा था और आतंकी संगठन के पाकिस्तान स्थित कमांडरों ने प्रतिबंधित समूह के लिए भारत से धन जुटाने की साजिश रची। साथ ही एनआईए अब तक आरोपितों के पास से 98.5 लाख रुपये नकद, 8 वाहन और 3 किलोग्राम हेरोइन बरामद कर चुकी है।

एनआईए के एक अधिकारी के अनुसार पंजाब पुलिस ने 25 अप्रैल, 2020 को एक आतंकी हिलाल अहमद वागे को गिरफ्तार किया था। उसके पास से 29 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई थी। उससे गहन पूछताछ में हिलाल अहमद वागे के पाकिस्तान के आतंकी कनेक्शन का पर्दाफाश हुआ। एनआईए ने वागे को अदालत से हिरासत में लेकर जांच शुरू की तो हिजबुल मुजाहिदीन के नार्को-फंडिंग मॉड्यूल का भी खुलासा हो गया। इसी सिलसिले में एनआईए ने 6 मई को हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर रियाज नाइकू को दबोचने जम्मू कश्मीर पहुंची, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। सुरक्षाबलों की मुठभेड़ में नाइकू मारा गया। तब तक यह बात साफ हो चुकी थी कि इस मामले में आतंकी गिरोह पाकिस्तान में हवाला के जरिए रकम जुटा रहा है। साथ ही कश्मीर में आतंकी मददगारों के जरिए हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों से तस्करी भी करवाता है।

एनआईए के एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार 30 जुलाई, 2020 को आतंकवाद-रोधी जांच एजेंसी की एक टीम ने हिलाल अहमद वागे के आवास पर छापा मारा। उसके यहां जो दस्तावेज मिले, उससे पता चला कि वागे के यहां जो 29 लाख रुपये की नकदी पंजाब पुलिस ने बरामद की थी, उसे हिजबुल मुजाहिदीन के मुख्य ऑपरेशनल कमांडर नाइकू को सौंपने के लिए कश्मीर घाटी में पहुंचाया जाना था। इसमें दो और आतंकी रंजीत सिंह और इकबाल सिंह उर्फ शेरा भी शामिल थे। रंजीत इससे पहले भी पिछले साल जून में अटारी सीमा पर 532 किलोग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया जा चुका था। रंजीत और उसके पांच भाई कई साल से ड्रग्स की तस्करी में शामिल रहे हैं और पैडलिंग भी करते थे।

उल्लेखनीय है कि अगस्त के अंतिम सप्ताह में पंजाब पुलिस ने आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन व खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) से जुड़े अंतरराष्ट्रीय हेरोइन तस्कर राजिंदर सिंह के अलावा पंजाब पुलिस के एक कांस्टेबल कर्मजीत सिंह को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस की छापेमारी में राजिंदर सिंह के कब्जे से 32 बोर का पिस्टल, चार कारतूस और रिवरडेल एयरोविस्टा स्थित फ्लैट से 530 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। राजिंदर सिंह अमृतसर के जंडियाला गुरु और कर्मजीत मुक्तसर पंजाब का रहने वाला है। गिरफ्तारी से पहले कर्मजीत मोहाली के खरड़ स्थित फोरेंसिक लैब में तैनात चीफ केमिकल एग्जामिनर के ड्राइवर के तौर पर तैनात था। ये दोनों आरोपित लॉकडाउन के दौरान 12 करोड़ रुपये की ड्रग मनी हवाला के जरिये पाकिस्तान और कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों को इधर-उधर पहुंचा चुके हैं।

एनआईए ने आज मंगलवार को जो चार्जशीट पेश की है, उसमें इंटरनेशनल नारको आतंकी गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन नशीले पदार्थों के जरिये भारत की युवा पीढ़ी को न सिर्फ तबाह और बर्बाद करने की साजिश रच रहे हैं, बल्कि इसके जरिए आए पैसे का आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने में इस्तेमाल भी करते हैं। एनआईए ने विशेष अदालत में जिन 10 आरोपितों को बताया है, उनमें से सात को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके पास से 98.5 लाख रुपये नकद, 8 वाहन और 3 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई है। दो आरोपित फरार हैं। एक आरोपित हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर रियाज नाइकू की सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मौत हो चुकी है।

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