प्रहर 1510

15/10/2020,6:06:01 PM.

बैंड बाजों व नारों के शोर के बीच जितेंद्र तिवारी ने संभाला प्रशासक का जिम्मा

आसनसोल नगर निगम का निर्वाचित बोर्ड हो चुका है भंग

ये बैंड  बाजा….ये नगाड़ों का शोर…..और ये लोगों को हुजूम…….यह कोई विश्वकप जीत कर आई भारतीय क्रिकेट टीम के स्वागत के लिए नहीं है….और यह तस्वीर भी कोई मुंबई, दिल्ली या कोलकाता की नहीं है…..दरअसल यह चौंकाने वाला दृश्य आसनसोल का है….और यह जगह है आसनसोल नगर निगम का मुख्यालय…..आप सोच रहे होंंगे कि चुनाव तो हुआ नहीं तो फिर यह कैसी जीत का जश्न है…..लेकिन यह उनके लिए जीत का जश्न है, जिनके अपने नेता आसनसोल नगर निगम के प्रशासक नियुक्त किये गये हैं। जी हां, जितेंद्र तिवारी जो कल तक आसनसोल के मेयर थे, जो कल तक आसनसोल नगर निगम के कार्यों का जिम्मा मेयर के रूप में संभाल रहे थे। लेकिन अब कुछ बदल गया है। …औब बदला है तो बस ओहदे का नाम…..पहले वे मेयर थे, निर्वाचित हुए थे…..लेकिन अब प्रशासक हैं, पश्चिम बंगाल सरकार ने उन्हें यह जिम्मा सौंपा है….तो तृणमूल नेता जितेंद्र तिवारी के प्रशासक बनाए जाने पर ही उनके समर्थक जोरदार खुशी मना रहे हैं,…अबील-गुलाल से रंगे हुए हैं….और मेयर को भी अबीर-गुलाल लगा कर हरा-हरा कर दिया है…..गुरुवार को जितेंद्र तिवारी ने आसनसोल नगर निगम के प्रशासक का दायित्व संभाल लिया….यह वही कक्ष है जहां पहले वह मेयर के रूप में बैठते थे….—-बाइट—-

जितेंद्र तिवारी समेत प्रशासकीय बोर्ड के नौ सदस्य हैं। बाकी सदस्यों में पूर्व चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी के साथ पूर्णशशि राय, अभिजीत घटक, अशोक रूद्र, अंजना शर्मा, मीर हासिम, दिव्येंदु भगत और श्याम सोरेन शामिल हैं। सबसे पहले जितेंद्र तिवारी ने प्रशासक का पदभार ग्रहण करने की कागजी औपचारिकाएं पूरीं। फिर उनके ही कक्ष में प्रशासकीय बोर्ड के बाकी सदस्यों ने पदभार ग्रहण करने की औपचारिकताएं पूरी कीं।

जितेंद्र तिवारी के प्रशासक बनने के बाद उन्हें शुभकामनाएं देने के लिए लोगों में होड़ लगी रही। नगर निगम कर्मियों को तिवारी को भेंट करने के लिए लाए गुलदस्तों को संभालने में दिक्कतें पेश आ रही थीं। हर कोई उनके कक्ष में जाना चाहता था। स्वयं तिवारी को उन्हें रोकते हुए देखा गया….बहरहाल ओहदा बदलने में भी इतना बड़ा जश्न हो सकता है, यह सचमुच हैरान करने वाला वाकया रहा।

 

पुलिस कमिश्नर ने आसनसोल के पूजा मंडपों का किया निरीक्षण

कोरोना से बचाव की तैयारियों की ली जानकारी

 

हालांकि अभी दुर्गापूजा में कुछ दिन बाकी हैं लेकिन पूजा मंडपों के उद्घाटन का दौर शुूरू हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार से वर्चुअल तरीके से पूजा मंडपों का उद्घाटन शुरू किया है। गुरुवार को भी मुख्यमंत्री का राज्य के कई पंडालों का इसी अवर्चुअल तरीके से उद्घाटन करने का कार्यक्रम रहा। इसके मद्देनजर आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के आयुक्त सुकेश कुमार जैन ने आसनसोल में पूजा पंडालों में जाकर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कल्याणपुर हाउसिंग के सेक्टर के पूजा मंडप का दौरा किया। अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ पहुंचे पुलिस कमिश्नर ने पूजा समितियों के पदाधिकारियों से बात की और उनकी तैयारियों के बारे में जानकारी ली। साथ ही सीपी ने मंडप का मुआयन कर यह देखा कि कोरोना संकट के मद्देनजर पूजा समेतियों को पुलिस प्रशासन की तरफ से जो दिशा निर्देश दिए गये थे, उनका कितना पालन किया गया है। और, पूजा के दौरान उनके पालन करने की कितनी तैयारी है।….पुलिस कमिश्नर सुकेश कुमार जैन ने अपकार गार्डेन और कोर्ट रोड मोड़ पूजा कमेटियों के पूजा मंडपों का भी मुआयना किया। जैन ने पूजा मंडपों का मुआयना करने के दौरान मीडिया से कहा कि पूजा के दौरान लोगों को कोरोना के प्रति सचेत करने के लिए कई सारे प्रचार माध्यमों का सहारा लिया जा रहा है। लोग पूजा घूमने निकले जरूर, लेकिन कोरोना के प्रति सतर्क रहें। हमारी कोशिश है कि पश्चिम बर्दवान जिले में कोरोना संक्रमण जो नियंत्रण में है, उसे बाहर ना जाने दें। ………बाइट (1.03 वाले वीडिये में 30 सेकेंड से शुरू कर अंत तक)

 

 

बीजेपी के ओबीसी मोर्चा की बाइक रैली को पुलिस ने रोका

बीजेपी नेताओं ने लगाया भेदभाव का आरोप

बीजेपी का आरोप है कि पुलिस प्रशासन तृणमूल कांग्रेस के इशारे पर काम कर रही है और उसे रैली निकालने नहीं दे रही है। दरअसल बीजेपी के ओबीसी मोर्चा ने गुरुवार को बाइक रैली निकालने की कोशिश की लेकिन उसे आसनसोल साउथ थाना से अनुमति नहीं मिली। बीजेपी का ओबीसी मोर्चा की यह बाइक रैली राज्य सरकार द्वारा भेदभाव किए जाने के विरोध में और अपनी कई मांगों के समर्थन में निकाला जाना था। रैली के लिए बीजेपी के ओबीसी नेता शंकर चौधरी के नतेृत्व में कई कार्यकर्ता जीटी रोड पर दुर्गा मंदिर के निकट जमा हुए थे। लेकिन वहां पुलिस भी पहुंच गई थी। पुलिस के मना करने के बावजूद बीजेपी नेताओं ने रैली निकालने की कोशिश की। तब पुलिस ने उन्हें रोक दिया और उनकी गिरफ्तारी की। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। बीजेपी नेताओं का कहना है कि पुलिस बाकी पार्टियों को रैली निकालने देती है लेकिन उन्हें जबरन रोका जा रहा है।

 

 

 

 

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