मनीष शुक्ला की हत्या के पीछे पुरानी रंजीश, टीटागढ़ के व्यवसायी ने कराई हत्याः सीआईडी

06/10/2020,11:50:02 AM.

कोलकाताहिंदी.कॉम

कोलकाताः टीटागढ़ शूटआउट में भाजपा नेता मनीष शुक्ला की हत्या को लेकर एक सीसीटीवी फुटेज सीआईडी के हाथ लगा है। इसके आधार पर हत्या के समय क्या हुआ था, इसका खुलासा होता है। सीआईडी ने अपनी जांच के आधार पर मनीष शुक्ला की हत्या का प्राथमिक कारण पुरानी शत्रुता को बताया है। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया भी है।

टीटागढ़ शूटआउट की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मनीष पर गोली चलाने वाले एक अपराधी की पहचान करने का भी दावा किया है। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज देखकर हमलावारों द्वारा प्रयोग की गईं दो माेटरसाइकिलों की पहचान कर ली गई है।.इसके आधार पर ही पुलिस ने गोपाल शेख नामक एक  बदमाश को गिरफ्तार किया है। सीआईडी अधिकारियों का यह भी दावा है कि मनीष हत्याकांड के ऑपरेशन को अंजाम देने में टीटागढ़ के ही एक व्यवसायी का हाथ है। इसका नाम मोहम्मद खुर्रम है जिससे मनीष शुक्ला की पुरानी रंजिश चल रही थी। इस पुरानी रंजिश के तहत ही मोहम्मद खुर्रम ने मनीष की हत्या करने की साजिश रची है। उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि पुलिस का यह भी कहना है कि इस मामले में कोई और भी शामिल है कि नहीं, इसकी जांच की जाएगी।

पुलिस के हाथ में जो सीसीटीवी फुटेज लगा है उसमें यह दिख रहा है कि टीटागढ़ में बीटी रोड के किनारे गाड़ी लगाकर वहीं अपने कुछ साथियों के साथ भाजपा पार्षद बात कर रहे हैं। उस समय गाड़ी के सामने का दरवाजा खुला था और बाईं तरफ का इंडिकेटर जल रहा है। तभी सामने से एक बाइक आती है। इसमें दो लोग बैठे हैं। पीछे बैठे युवक ने मनीष को लक्ष्य कर गोलियां चला देता है। गोली लगने से मनीष नीचे गिर जाते हैं। इसके बाद फुटेज में जो दिखाई दे रहा है उससे यह खुलासा होता है कि मनीष के आने से पहले ही चाय दुकान के पास एक हमलावर उनका इंतजार कर रहा था। जैसे ही गोली लगने के बाद मनीष नीचे गिरते हैं, पहले से मौजूद वह बदमाश वहां पहुंचता है और मनीष पर दनादन कई गोलियां दाग देता है। इसके बाद पहले हमला करने वाले युवकों के साथ पीछे से आई एक दूसरी मोटरसाइकिल पर वह बैठ जाता है, और सभी डनलप की तरफ भाग जाते हैं। जाते-जाते हवा में गोलियां भी चलाते जाते हैं।

सीआईडी के हाथ लगे इस फुटेज से यह खुलासा होता है कि मनीष की हत्या एक सुनियोजित साजिश थी। अब बड़ा यह है कि क्या मनीष की हत्या पुरानी रंजिश के तहत की गई है, जैसा कि पुलिस दावा कर रही है, ना कि औरों की तरह यह भी एक पॉलिटिकल मर्डर है। बैरकपुर के सांसद अर्जुन सिंह समेत तमाम भाजपा नेता मनीष की हत्या को किसी भी कीमत पर पुरानी रंजिश मानने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि यह तृणमूल कांग्रेस ने पुलिस के साथ मिलकर कराई है। क्योंकि मनीष उनके नजदीकी सहयोगी थे और बैरकपुर अंचल में राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय थे। तृणमूल अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए ही मनीष की हत्या कराई है।

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