ममता चाहती हैं राज्य में लगे राष्ट्रपति शासन ताकि बटोर सकें सहानुभूति: दिलीप घोष

13/11/2020,6:02:23 PM.

 

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में एक के बाद एक भाजपा के कार्यकर्ताओं की हत्या और राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर लगातार राज्य सरकार पर हमला करने वाले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने शुक्रवार को बड़ा दावा किया है।

उन्होंने कहा है कि ममता खुद चाहती हैं कि बंगाल में ऐसे हालात बनें ताकि राष्ट्रपति शासन लगाना पड़े और उन्हें चुनाव में सहानुभूति बटोरने में मदद मिल जाए।

बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हिंसा के चलते माहौल गर्म है। वहीं, टीएमसी नेता शुभेंदु अधिकारी के भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर दिलीप घोष ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन यह सच है कि टीएमसी में कई नेता बागी हो रहे हैं।

घोष ने आरोप लगाया बंगाल पुलिस टीएमसी की कैडर की तरह काम करती है। पुलिस के सामने नेताओं पर हमले होते हैं लेकिन एक एफआईआर नहीं होती। उल्टे हमारे कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया जाता है।

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी खुद चाहती हैं कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो जाए। वह केंद्र सरकार को इसके लिए मजबूर कर रही हैं ताकि चुनाव के दौरान विक्टिम कार्ड खेल सकें। घोष ने आगे कहा कि तृणमूल कांग्रेस में माफिया और गुंडे है जो लोगों को डराने के लिए हिंसा का सहारा लेते हैं। बंगाल के लोग भी कह रहे हैं कि जब तक यह सरकार रहेगी तब तक निष्पक्ष चुनाव नहीं हो पाएंगे। इसलिए राष्ट्रपति शासन जरूरी है।

उन्होंने कहा कि शुभेंदु अधिकारी के अलावा चार-पांच टीएमसी विधायक और भी हैं, जो बागी हो रहे हैं। वह कहते हैं कि उनका पार्टी में दम घुटता है। टीएमसी में कोई मान-सम्मन नहीं है। चर्चा है कि ये लोग कहीं पार्टी ना छोड़ दें।

उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही दिलीप घोष के काफिले की कार के शीशे तोड़े गए थे। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें 40 लोगों को हिरासत में ले लिया गया।

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