किसानों पर बंगाल में रार, राज्यपाल और तृणमूल कांग्रेस आमने-सामने

22/09/2020,9:14:05 PM.

कोलकाताहिंदी.कॉम

कोलकाताः मोदी सरकार ने विपक्षी पार्टियों के विरोध के बावजूद संसद के दोनों सदनों में कृषि बिल पारित करा लिया है। विपक्षी पार्टियों में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस कृषि बिल को लेकर सबसे ज्यादा मुखर रही है। राज्यसभा में इस पार्टी के सांसद डेरेक ओ ब्रायन उपसभापति की बेल तक चले गए और रूल बुक को फाड़ हुए दिखाई दिये। इसके बाद ममता बनर्जी ने मोदी सरकार पर संसदीय लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाते हुए सरकार को किसान विरोधी बताया था। लेकिन पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने अब ममता को किसान विरोधी बता कर उन्हें एक लंबा पत्र लिखा है। उन्होंने अपने पत्र के साथ एक वीडियो भी टि्वटर पर जारी किया है। उन्होंने बंगाल में पीएम किसान योजना को लागू नहीं करने पर सवाल उठाय है।

लेकिन वहीं तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि उसे योजना लागू करने में कोई दिक्कत नहीं लेकिन राज्य को योजना लागू करने का अधिकार देने होगा। इस पर शाम को राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि पीएम किसान योजना के तहत डायरेक्ट फंड ट्रांसफर पर राज्य को क्या दिक्कत हो सकती है। जब सारे राज्यों ने इस योजना को स्वीकर कर लिया है तो भला बंगाल सरकार क्यों नहीं स्वीकार कर रही है।

वैसे यह कोई पहली बार नहीं है कि राज्यपाल धनखड़ ने ममता को पत्र लिखा और उन्हें और उनकी पार्टी को किसान विरोधी बताया है। जब कृषि बिल को लेकर तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्षी दल आंदोलन कर रहे हैं, ऐसे समय में ममता के एक फैसले का उल्लेख कर राज्यपाल का उन पर हमला काफी महत्व रखा है। धनखड़ ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि यानी पीएमकिसान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने अपने राज्य के किसानों को इस योजना से वंचित रखा है जिससे किसानों को केंद्र से मिलने वाला नकद फायदा नहीं मिल रहा है। जबकि देश के प्रायः सभी राज्यों ने इस योजना को अपनाया है। योजना का लाभ किसानों को मिल रहा है। उन्होंने यह भी लिखा है कि कोरोना संकट की वजह से केंद्र ने किसानों को जो एकमुश्त कैश प्रदान किया है, उसे भी ममता बनर्जी ने अपने राज्य के किसानों को भुगतान नहीं होने दिया है।

राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता से यह पूछा है कि उन्होंने पीएम किसान योजना के तहत बंगाल के 70 लाख किसानों को 8400 करोड़ रुपये का भुगतान आखिर क्यों नहीं होने दिया है। बंगाल आखिर क्यों पीएम किसान योजना में शामिल नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर अभी तक ममता बनर्जी की सरकार ने पीएम किसान योजना को लागू किया होता तो राज्य के प्रत्येक किसान के बैंक खाते में 12 हजार रुपये जा चुके होते। उन्होंने यह भी कहा है कि कोरोना संकट के दौरान केंद्र सरकार ने पैकेज के रूप में तीन लाख करोड़ रुपये के आवंटित करने की घोषण की है। लेकिन ममता बनर्जी की उदासीनता और अकर्मण्यता के कारण राज्य को 30 हजार करोड़ रुपये से वंचित होना पड़ा है।

मालूम हो कि जब से जगदीप धनखड़ पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बने हैं तब से उनका मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के साथ छत्तीस का आंकड़ा रहा है। शायद ही कोई ऐसा मौका हो जब दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप ना चलता रहा है।

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