रोमांटिक गानों के लिए मशहूर हैं दिग्गज गायक उदित नारायण

30/11/2020,1:01:33 PM.

 

मुंबई: बॉलीवुड के मशहूर गायक उदित नारायण का जन्म 1 दिसम्बर 1955 को एक नेपाली परिवार में हुआ था। उदित नारायण का ननिहाल भारत के बिहार राज्य में था जिसके कारण बिहार से उनका गहरा लगाव रहा। उदित को बचपन से ही गाने का शौक था।

अपनी प्राथमिक शिक्षा के दौरान उदित ने संगीत की भी शिक्षा ली। उन्होंने अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत रेडियो नेपाल में मैथिली और नेपाली लोक गीतों से की। इसके बाद उदित को नेपाली फिल्म ‘सिंदूर’ में गाना गाने का मौका मिला। उदित साल 1978 में नेपाल से भारत आ गए और बॉलीवुड का रुख किया।
साल 1980 में आई बॉलीवुड फिल्म ‘उन्नीस-बीस’ में उन्हें महान गायक मोहम्मद रफी के साथ ‘मिल गया मिल गया’ गाना गाने का मौका मिला, लेकिन यह फिल्म उदित को पहचान दिलाने में नाकाम रही। साल 1989 में उदित को आमिर खान की डेब्यू फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ में ‘पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा…’ गाना गाने का मौका मिला। यह फिल्म हिट रही और फिल्म का यह गाना लोगों की जुबान पर चढ़ गया। इस गाने ने उदित को रातों-रात स्टार बना दिया। फिल्म के इस गाने के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इसके बाद उदित ने कई फिल्मों में हिट गाने गाये हैं। उदित ने अब तक 36 भाषाओं में तकरीबन 25 हजार से भी ज्यादा गानों को अपनी आवाज दे चुके हैं। हमेशा मुस्कुराते रहने वाले उदित नारायण बॉलीवुड में रोमांटिक गाने के लिए भी मशहूर हैं। उनके द्वारा गाये गानों में आये हो मेरी जिंदगी में, राजा को रानी से प्यार, तू मेरे सामने आदि शामिल हैं। उदित ने 1984 में रंजना झा से गुपचुप तरीके से शादी की और जल्द ही अलग भी हो गए। साल 1986 में उदित ने दीपा नारायण झा से शादी कर ली। उदित और दीपा का एक बेटा आदित्य नारायण है। उदित नारायण को साल 2009 में भारत सरकार द्वारा ‘पद्मश्री अवार्ड’ से नवाजा गया था। अपनी जादू भरी आवाज की वजह से उन्हें तीन बार बेस्ट सिंगर का नेशनल अवार्ड भी मिल चुका है जिसमें साल 2002 में फिल्म ‘लगान’ के गाने मितवा.. दूसरी बार फिल्म ‘जिंदगी खूबसूरत है’ के गाने छोटे-छोटे सपने और तीसरी बार फिल्म ‘स्वदेश’ के गाने यह तारा वह तारा.. के लिए उन्हें यह खिताब दिया गया। इसके साथ ही उन्हें पांच बार सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक का फिल्मफेयर अवार्ड भी दिया गया है। उन्हें यह अवार्ड फिल्म कयामत से कयामत तक, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, राजा हिंदुस्तानी, हम दिल दे चुके सनम, लगान जैसे सुपरहिट फिल्मों के लिए मिले।

साल 2009 में उदित को संगीत की दुनिया में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए भारत सरकार की ओर से पद्मश्री से सम्मानित किया गया। गायन के अलावा बहुमुखी प्रतिभा के धनी उदित नारायण ने नेपाली फिल्मों में अभिनय भी किया है। इनमें ‘कुसुमे रूमाल’ और ‘पिराती’ प्रमुख है। इसके अलावा उन्होंने भोजपुरी सुपरहिट हिट फिल्म ‘कब होइ गवनवां हमार’ का निर्माण भी किया है। संगीत की दुनिया में उदित ने एक अलग मकाम हासिल किया है। संगीत की दुनिया में वह आज भी सक्रिय है। देश-दुनिया में उनके चाहने वालों की संख्या लाखों में हैं। संगीत की दुनिया का यह चमकता सितारा आज भी गायन के क्षेत्र में सक्रिय हैं और अपने मधुर गीतों के जरिये आज भी युवा दिलों पर राज करता है।

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