मरने से पहले सात लोगों को जीवनदान दे गए इलाबेन नितिनभाई पटेल

01/10/2020,8:52:23 PM.

सूरत/अहमदाबाद (एजेंसी)। दिल और फेफड़े के दान का तीसरा मामला सूरत से दर्ज किया गया है। कोली पटेल समाज के इलाबेन नितिनभाई पटेल के परिवार ने उनके दिल, फेफड़े, गुर्दे, लिवर और आंखों का दान करके सात लोगों को जीवनदान दिया। इलाबेन का दिल सूरत से चेन्नई तक 1610 किलोमीटर की दूर ले जाकर एक मरीज को प्रत्यारोपित किया गया।

बताया गया कि 27 सितम्बर को रात 9 बजे, इलाबेन बेहोश हो गए थे। परिवार के सदस्यों ने तुरंत डॉ. निखिल जरीवाला की देखरेख में उन्हें वीनस अस्पताल में भर्ती कराया था। न्यूरोसर्जन डॉ. धवल पटेल ने मरीज के सीटी स्कैन देखकर मस्तिष्क की नस फटने और मस्तिष्क में सूजन के कारण रक्त के थक्के मिलना बताया। 29 सितम्बर को न्यूरोसर्जन डॉ. धवल पटेल, न्यूरो फिजिशियन डॉ. गौरांग घीवाला, फिजिशियन डॉ. निखिल जरीवाला, एनेस्थेटिस्ट डॉ. रवीशा शेख ने इलाबेन को ब्रांडेड घोषित किया। इलाबेन के परिजनों ने अंग दान करने की इच्छा जताई। डोनेट लाइफ टीम ने अस्पताल पहुंचकर अंग दान के महत्व और इसकी पूरी प्रक्रिया को इलाबेन के बेटों तनवीर और आर्यन, दीयर पुष्पेंद्रभाई, भगवतीभाई, बहनोई शांतिलाल के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्यों को समझाया। प्रत्यारोपण के लिए पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।
इलाबन के बेटे तनवीर और आर्यन, दीयर पुष्पेंद्रभाई ने कहा कि हम एक बहुत ही साधारण परिवार से आते हैं। आज, जब हमारे रिश्तेदार ब्रांडेड हैं और इनाबेन की मौत निश्चित है। उसके पश्चात उनके शरीर को जलाकर राख करने से अच्छा होगा यदि शरीर के अंग जरूरतमंद रोगियों को अंग दान कर दिया जाये। सोओटीटीओ के संयोजक डॉ. प्रांजल मोदी से संपर्क किया और दिल, फेफड़े, गुर्दे और यकृत के दान के लिए कहा।

सोओटीटीओ के अनुसार गुजरात में हृदय प्रत्यारोपण के लिए कोई रोगी नहीं हैं। इसलिए एनओटीटीओ से संपर्क किया गया था। दिल को एनओटीटीओ ने एमजीएम अस्पताल चेन्नई और फेफड़ों को अपोलो अस्पताल, चेन्नई को आवंटित किया गया। जबकि किडनी और लीवर को इंस्टिट्यूट ऑफ किडनी डिजीज एंड रिसर्च सेंटर अहमदाबाद में आवंटित किया गया था।
हृदय को प्रत्यारोपण के लिए सूरत के वीनस अस्पताल से 1610 किमी की दूर180 मिनट में चेन्नई के एमजीएम और और फेफड़ों को अपोलो अस्पताल भेजा गया। चेन्नई के एमजीएम अस्पताल में भर्ती दिल्ली के 15 वर्षीय छात्र को हृदय प्रत्यारोपित किया गया। यह प्रत्यारोपण डॉ. बालाकृष्णन और उनकी टीम ने किया। दान किये गये फेफड़े चेन्नई के अपोलो अस्पताल में मुंबई की 61 वर्षीय महिला काे प्रत्यारोपण किये गये। यह ऑपरेशन डॉ. टी सुंदर और उनकी टीम ने किया। दान की गई दोनों किडनी में से एक किडनी का ट्रांसप्लांट सूरत के एक 18 वर्षीय व्यक्ति और दूसरा किडनी ट्रांसप्लांट आनंद की 18 वर्षीय लड़की को प्रत्यारोपित किया गया। इनका ऑपरेशन डॉ. प्रांजल मोदी और उनकी टीम ने किया है।

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