जितेन्द्र तिवारी को लेकर भाजपा में गहरा असंतोष, पालाबदल की राह मुश्किल

18/12/2020,5:01:51 PM.

कोलकाताः पांडेश्वर से विधायक और आसनसोल नगर निगम के पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी शुभेंदु अधिकारी के साथ ही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से इस्तीफा दे चुके हैं। खबर है कि शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मंच पर ही वह भाजपा की सदस्यता ले लेंगे। लेकिन प्रदेश भाजपा नेताओं ने जिस तरह से जितेंद्र तिवारी को लेकर नाराजगी जाहिर करनी शुरू कर दी है उससे साफ है कि भाजपा में जितेंद्र तिवारी की राह आसान नहीं है।

हमेशा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ आक्रामक रहने वाले बीजेपी के प्रदेश महासचिव सायंतन बसु ने जितेंद्र तिवारी के पार्टी में शामिल होने पर नकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि जितेंद्र तिवारी को लेकर पार्टी में समस्या है। बीजेपी के जिलाध्यक्षों पर जितेंद्र ने हमले करवाए थे। इसकी रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया हूं। वही फैसला लेंगे कि जितेंद्र को बीजेपी में लेना है कि नहीं। एक दिन पहले ही महिला मोर्चा की अध्यक्ष अग्निमित्र पॉल ने भी जितेंद्र तिवारी को लेकर नाराजगी जाहिर की थी।

गुरुवार को ही तिवारी ने तृणमूल की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और शुभेंदु के पक्ष में बयानबाजी की थी। उसके बाद से उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें तेज हो गयी उसके तुरंत बाद आसनसोल से बीजेपी सांसद और केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया और जितेंद्र तिवारी के हिंसक बर्ताव की आलोचना की थी। कुछ दिनों पहले आसनसोल में बीजेपी के कार्यक्रम के दौरान बाबुल सुप्रियो पर हमले हुए थे। उनकी पीठ पर ईंट लगी थी जिससे उन्हें काफी चोट आई थी। हमले का आरोप जितेंद्र के समर्थकों पर ही लगा था। इसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है।

वहीं शुक्रवार को बाबुल सुप्रियो के जितेंद्र तिवारी के बीजेपी में शामिल होने की बात आपत्ति जताने पर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने संतुलित टिप्पणी की है। उन्होंने बाबुल सुप्रियो के बयान का समर्थन किया हालांकि उनके सूर नरम थे और उनकी बातों से यह नहीं लगा कि वह जितेंद्र तिवारी के पार्टी में ज्वाइन करने के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यह सच है कि बाबुल को ईंट से मारा गया था। ऐसे में उनकी प्रतिक्रिया स्वाभाविक है। घोष ने कहा कि जितेंद्र ने बीजेपी में शामिल होने को लेकर अभी तक संपर्क नहीं किया है। अगर वह संपर्क करते हैं तो पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व इस बारे में फैसला लेगा। व

बहरहाल भाजपा नेताओं की इन आपत्तियों के बारे में जब प्रतिक्रिया के लिए जितेंद्र तिवारी से संपर्क साधा गया तो उन्होंने कहा कि आसनसोल में तृणमूल कांग्रेस का मुख्य नेता होने के नाते बहुत कुछ करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि बाबुल सुप्रियो के साथ मेरे संबंध अच्छे नहीं रहे हैं। बाबुल के लोगों ने मेरे खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई है। वह ठीक ही कह रहे हैं।

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