20 घंटे में भी नहीं हुआ मनीष शुक्ला का पोस्टमार्टम, राज्यपाल से मिला भाजपा प्रतिनिधिमंडल, सीबीआई जांच की मांग की

05/10/2020,7:45:26 PM.

कोलकाताः  उत्तर 24 परगना जिले के टीटागढ़ से भारतीय जनता पार्टी के पार्षद मनीष शुक्ला की हत्या के 20 घंटे से अधिक का समय बीतने के बाद भी पोस्टमार्टम नहीं होने पर शिकायत लेकर भाजपा राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मिली। भाजपा प्रतिनिधिमंडल में मनीष शुक्ला के पिता चंद्रमणि शुक्ला भी मौजूद थे। राज्यपाल से मिलने के बाद बैरकपुर के सांसद अर्जुन सिंह ने कहा कि हमने उनसे मनीष की हत्या की सीबीआई जांच की व्यवस्था करने का आग्रह किया है।

सिंह ने कहा कि मनीष की हत्या तृणमूल और पुलिस की मिलीभगत से हुई है। क्योंकि हत्या में पुलिस की 9एमएम कार्बाइन इस्तेमाल किया गया है।.घटनास्थल के निकट सीसीटीवी कैमरे को हटा दिया गया है। भाजपा सांसद ने कहा कि हत्यारे तृणमूल नेता निर्मल घोष के घर से निकले थे। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि ममता बनर्जी पहले ही बैरकपुर में राजनीतिक लड़ाई हार चुकी हैं लेकिन अब वह खूनी लड़ाई शुरू कर रही हैं। लेकिन यह उन्हें भारी पड़ेगी। ममता बनर्जी के पास समय कम है और उन्हें अब इसकी कीमत चुकानी होगी।

वहीं मनीष चंद्रमणि शुक्ला ने कहा पुलिस मामले को रफा-दफा करने की बात कर रही है। वह अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज करने की बात कर ही है। जबकि सबके सामने मनीष की हत्या हुई है। अगर पुलिस ऐसी भाषा बोले तो फिर राज्य में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज ही नहीं रह जाएगी।

राज्यपाल से मिलने के लिए भाजपा प्रतिनिधिमंडल अपने साथ मृत मनीष शुक्ला का शव भी ले जाना चाहता था। लेकिन कोलकाता पुलिस ने उन्हें रोक दिया। शव के साथ भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के रहने से एसएन बनर्जी रोड पर जाम लग गय। न्यू मार्केट के पास पुलिस और भाजपा नेताओं की बहस हो गई। धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई। अंत में बिना शव ले जाए भाजपा नेताओं को राजभवन जाने दिया गया।

प्रतिनिधिमंडल में कैलाश  विजयवर्गीय, अरविंद मेनन और लॉकेट चटर्जी भी शामिल थीं। इन नेताओं का कहना है कि मनीष शुक्ला की ऑटोप्सी रिपोर्ट को गलत बताया जा रहा है। मालूम हो कि रविवार शाम भाजपा नेता मनीष शुक्ला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उनकी हत्या के विरोध में रविवार की रात से ही बैरकपुर क्षेत्र में तनाव बरकरार है। भाजपा समर्थक सड़क पर उतर विरोध जता रहाे हैं। सोमवार को 12 घंटे के लिए बैरकपुर बंद बुलाया गया था। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। आगजनी की। कई जगहों पर पुलिस के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं की झड़प की स्थिति भी बनी। पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। मनीष की हत्या के बाद के पूरे बैरकपुर क्षेत्र में तनाव बरकरार है।

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