news prahar 25 09 2020

25/09/2020,2:24:56 PM.

सारा भारत किसान संग्राम समन्वय समिति–

 

-कृषि बिल के विरोध में काजोड़ा में नेशनल हाइवे पर फूटा गुस्सा

-वाममोर्चा और कांग्रेस ने मिल कर एकसाथ किया प्रदर्शन

 

जब से केंद्र की मोदी सरकार ने कृषि बिल को पारित कराया है, तब से संसद से लेकर सड़क तक पर प्रदर्शन हो रहे हैं…इस बिल को लेकर संसद के ऊपरी सदन राज्य सभा में काफी हंगामा हुआ था। बंगाल की सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने संसद परिसर में धरना भी दिया था…अब बंगाल की सड़कों पर भी कृषि बिल को लेकर प्रदर्शन शुरू हो गया है।…देश के किसान संगठनों ने शुक्रवार को कृषि बिल के विरोध में देश व्यापी आंदोलन शुरू किया। इसका असर आसनसोल शिल्पांचल में भी दिखा….काजोड़ा मोड़ पर वाम मोर्चा के किसान संगठन सारा भारत किसान संग्राम समन्वय समिति ने एक बड़ा जुलूस निकाला। खास बात है कि इस प्रदर्शन में बंगाल में वाममोर्चा के साथ चुनावी गठजोड़ करने को तैयार कांग्रेस भी शामिल हुई। जुलूस अंत में नेशनल हाइवे पर पहुंचा और यहां सड़क अवरोध किया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंककर कृषि बिल पर विरोध जताया गया। वाममोर्चा और कांग्रेस के नेताओं ने कृषि बिल को किसान विरोधी बताया और इसे देश के लिए खतरनाक माना है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूंजीपतियों का दोस्त बताते हुए कहा कि कृषि बिल का मकसद किसानों को फायदा पहुंचना नहीं, बल्कि उद्योगपतियों के हाथों में किसानों के भविष्य को सौंप देना है……बाइट या  भाषण


-टहलने निकले युवक की बिजली तार की चपेट में आकर मौत

कुल्टी के लालबाजार गांव की घटना, शोक में लोग

सुबह टहलने निकले एक युवक की बिजली तार की चपेट में आकर मौत हो गई है…यह घटना कुल्टी थाना इलाके के लालबाजार गांव की है। पता चला है कि काजल माजी नाम का यह 38 साल का युवक हर दिन सुबह टहने के लिए जाता था….शुक्रवार को वह उसी तरह टलने निकला था….लेकिन जब काफी देर बाद भी वह घर नहीं लौटा तो उसकी पत्नी को कुछ संदेह हुआ…वह उसे खोजने गई तो उन्हें एक जगह गिरे हुए देखा….अपने पति को उठाने के लिए जब यह महिला गई तो उसे भी करंट लगा…उसके रोने-चिल्लाने की आवाज सुनकर लोग वहां आये….घटना की जानकारी मिले पर पुलिस भी पहुंची…काजल माजी की मौत से ग्रामवासियों ने शोक की लहर है……बाइट

 


 

-पुरूलिया में पहुंचे सीआरपीएफ के 500 जवान

-नक्सल प्रभावित इलाकों में होंगे तैनात

अभी पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में देरी है लेकिन यह आशंका प्रकट की जा रही है कि चुनाव करीब आते-आते बंगाल के जंगलमहल नाम से परिचित झारग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा व पश्चिम मेदिनीपुर जिलों में नक्सली-माओवादी गतिविधियां फिर से बढ़ सकती हैं…खासकर झारखंड सीमा से लगे इलाकों में…ऐसी खुफिया सूचनाओं के मद्देनजर केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को और बड़ी संख्या में पुरूलिया में तैनात किया जा रहा है।..शुक्रवार को पुरूलिया स्टेशन में एक विशेष ट्रेन से सीआरपीएफ की 50वीं बटालियन के पांच कंपनी जवान पहुंचे..मालूम हो कि एक कंपनी में 100 जवान होते हैं।..इन जवानों के पुरूलिया पहुंचने पर उनका स्वागत जिला पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने किया। बहरहाल…प्रत्येक जवान को उनके बैरक में रवाना करने से पहले कोरोना संबंधी आवश्यक नियमों से गुजरना पड़ा है ताकि बाकी जवानों में कोरोना संक्रमण ना पहुंचे।..यहां यह बताना जरूरी है कि पिछले दिनों ही पुरूलिया जिले के नक्सल-माओवादी प्रभावित बाघमुंडी, आड़शा, बररामपुर जगहों से बड़ी संख्या में तैनात जवानों को वापस उनकी कंपनी में भेज दिया गया था…तब यह सवाल उठा था कि क्या पुरूलिया नक्सल समस्या से मुक्त हो गया है… लेकिन नये सिरे जवानों के आने के बाद अब जिले के लोगों को राहत महसूस होगी।

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