prahar 11-09-2020

11/09/2020,7:54:33 PM.

-पुरूलिया के रघुनाथपुर में कुएं में गिरकर वृद्ध की मौत

कुएं का पानी लोगों का प्यास बुझाता है….इसका पानी हमारी दूसरी जरूरतों को भी पूरा करता है, लेकिन कभी-कभी यह कुआं और उसका पानी किसी के लिए मौत का कारण भी बन जाता है,..अगर जरा भी लापरवाही हुई तो मुसीबत बनना तय है…

दरअसल पुरूलिया जिले के रघुनाथपुर में एक वृद्ध व्यक्ति कुएं की दीवार पर बैठा था।…और किसी कारणवश वह उसमें गिर गया…जब तक लोग उसे बाहर निकालते, उसकी मौत हो चुकी थी।…यह घटना रघुनाथपुर के वार्ड नंबर 4  वार्ड की। मृत व्यक्ति 73 वर्ष का था और उसका नाम सत्यनारायण मोदी बताया गया है। घटना शुक्रवार की सुबह नौ  बजे की है। सत्यानारायण मोदी को गिरते देख आपसास के लोग दौड़ते हुए आए। कुछ लोगों ने कुएं में उतर कर उसे निकाला। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषत कर दिया।..घटना की खबर पाकर पुलिस और दमकलकर्मी भी पहुंचे थे। पुलिस ने मामले की तहकीकात की है। इधर मृत व्यक्ति की पत्नी अर्चना मोदी ने कहा कि उनके पति को हाई ब्लड प्रेशर था, हो सकता है उसकी वजह से उन्हें चक्कर आ गया हो…बाइट


देश में कोरोना संक्रमण बेतहाशा बढ़ रहा है। शुक्रवार के ताजा आंकड़े के मुताबिक देश में कुल कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 45 लाख के पार पहुंच गई है। वहीं मरने वालों की संख्या 76 हजार से अधिक हो गई है..उसी तरह पश्चिम बंगाल में कोरोना मरीजों की संख्या एक लाख 93 हजार से अधिक हो गई है जबकि मरने वालों की संख्या बढ़कर 4 हजार के करीब होने जा रही है।…राज्य सरकार कोरोना बीमारी को फैलने से रोकने के लिए ही सप्ताहिक लॉकडाउन लगा रही है।

शुक्रवार को इस महीने के दूसरे लॉकडाउन का आसनसोल में खूब असर देखा गया..पुलिस लॉकडाउन को सख्ती से पालन कराने के लिए काफी सक्रिय दिखाई दी। आसनसोल में हाटन रोड मोड़, बस स्टैंड और गिरजामोड़ में पुलिस की कड़ी की नजरदारी रही….पुलिस हर आने-जाने वाले को रोककर जानकारी ले रही थी….सड़कों पर मोटरसाइकिलों की कुछ संख्या दिखाई दी। उन्हें रोककर पुलिस ने कागजात की मांग की…जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को ही जाने दिया जा रहा था….बाकी लोगों को लौटने को कहा जा रहा था…ऐसे ही दो महिलाएं स्कूटी पर सवार होकर आ रही थीं जिन्हें पुलिस ने रोक दिया…सड़क पर क्यों निकली हैं, कहां जा रही हैं…इसका सटीक उत्तर नहीं देने पर उन्हें वापस लौटा दिया गया…मोटरसाइकिलों के अलावे कार वालों से भी पूछताछ की जा रही थी….यहां तक कि साइकिल वाले को भी नहीं बख्शा जा रहा था…

बहरहाल आसनसोल में लॉकडाउन पूरी तरह से सफल रहा…बाजार-हाट बंद रहें…वहां सन्नाटा पसरा रहा…लेकिन यह सवाल लोग जरूर पूछ रहे हैं कि इस तरह के लॉकडाउन से कोरोना संक्रमण रोकने में कितनी सफलता मिलेगी…इसका कुछ फायदा भी होगा कि नहीं…

 


बराकर, कुल्टी और नियामतपुर में भी लॉकडाउन पर सख्ती

शुक्रवार को लॉकडाउन में पुलिस की सख्ती बराकर, कुल्टी, नियामतपुर में भी देखने को मिली। बराकर के थाना प्रभारी रविंद्र दोलोई ने स्वयं मोर्चा संभाल रखा था। पुलिसकर्मियों और सिविक वोलंटियर को लेकर उन्हें जीटी रोड और बेगुनिया मोड़ पर आने-जाने वाले लोगों को रोकते देखा गया। कुल्टी और नियामतपुर तथा सीतारामपुर में भी पुलिस ने लॉकडाउन को सख्ती से पालन कराया। पुलिस की सक्रियता की वजह से दुकानें बंद रहीं। बजारों में सन्नटा पसरा रहा…

दुर्गापुर के कोकओवन थाना, अंगगपुर रातरिया में अभियान, होटल मोदीखाना खुला था, बंदा किया और हिरासत में लिया, बांकुड़ा के बड़जोड़ा थानापुलिस ने दुर्गापुर बैराज दुकान बंद कराया, हिरासत में लिया, गाड़ी

पश्चिम बंगाल में शुक्रवार को लगाए गए लॉकडाउन का असर पूरे राज्य में दिखा। कोलकाता की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, इक्का-दुक्का गाड़ियां चल रही थीं। लेकिन कोलकाता से दूर वाले जिलों में कई ऐसे जगहें थीं जहां लॉकडाउन को ना मानकर दुकानें खुली रहीं। ऐसा ही नजारा दुर्गापर के कई इलाकों में देखने को मिला।… दुर्गापुर की कोक ओवन थाना पुलिस ने अंगदपुर-रातुरिया इंडस्ट्रियल इलाके में अभियान चलाकर कई खुली दुकानों को बंद कराया…वहीं पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में भी लिया..

…उधर दुर्गापुर बैराज इलाके में बांकुड़ा जिले के बड़जोड़ा थाना पुलिस ने भी अभियान चलाया।….यहां पुलिस ने देखा कि कई सारी दुकानें खुली हैं…सड़क किनारे मछलियां भी बेची जा रही हैं। पुलिस को देखकर जल्दी-जल्दी मछलियों को दुकानदार उठाने लगा। गुमटियों को भी पुलिस ने बंद कराया। यहां भी पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस उन्हें अपनी गाड़ी बिठाकर थाने ले गई। रास्ते पर टोटो चलाने वालों को भी पुलिस ने रोका।


-बांकुड़ा के मेजिया में तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों में झड़प

-झड़प के दौरान चले ईंट-पत्थर, आधा दर्जन घायल

तृणमूल कांग्रेस ने एक दिन पहले अपनी कई जिला इकाइयों की कार्यकारिणी की नई सूची जारी की थी। लेकिन नई सूची जारी होते ही तृणमूल कांग्रेस में गुटबाजी अब उभर कर सतह पर आने लगी। कहीं-कहीं पार्टी नेताओं और समर्थकों के बीच तनाव की स्थिति बन गई है। बांकुड़ा जिले के मेजिया के जेमुआ ग्राम में तो तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों के बीच कथित रूप से हिंसक झड़प हो गई जिसमें कम से कम आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। बृहस्पतिवार की रात से ही यहां पुलिस गश्त लगा रही है। पुलिस पिकेटिंग बैठाई गई है..पुलिस ने गांव में अभियान चलाकर धड़पकड़ भी की है..

–घटना के बारे में सूत्रों का कहना है कि मेजिया में तृणमूल कांग्रेस के मलय मुखर्जी गुट और रविलोचन गोप तथा स्थानीय विधायक स्वपन बाउरी के समर्थनों के बीच बृहस्पतिवार की रात झड़प हो गई। इस झड़प के दौरान ईंट, पत्थर, स्टोन बरसाये गए। इससे कम से कम छह लोग घायल हो गए। कइयों के माथे, पैर, हाथ में चोट लगे हैं। इन्हें इलाज के लिए मेजिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया। जहां इनकी मरहम-पट्टी की गई। दोनों गुटों ने एक दूसरे पर हमले का आरोप लगाया है… बाइट घायल

बहरहाल गांव में झड़प होने, तनाव के माहौल बनने से ग्रामी वासी परेशान हैं। उनका आरोप है कि आए दिन इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। उनका जीना दूभर हो गया है। गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री से फरियाद की है कि वे गांव में शांति लाने के लिए कुछ करें.—-बाइट ग्रामवासी

वहीं कुछ लोगों का कहना है कि मेजिया में लौह स्पंज का कारखाना है जहां हिस्सेदारी को लेकर हमेशा झमेला होता है। कुछ लोग अपने फायदे के लिए गड़बड़ी करते हैं…बाइट- पीला कपड़ा पहना व्यक्ति

 


आदिवासी दंपति, पुरुलिया आरशा थाना के तानशी ग्राम में, नाम- पातई माझी 65,लेशकी माझी 60, सिर हीन लाश, सिर नहीं मिले,

छोटा लड़का 20 साल पहले डायन,

पुरुलिया के आरशा थाना इलाके के तानशी गांव में डबल मर्डर से सनसनी फैल गई है…आदिवासी गांव तानशी में डर का माहौल है और लोग तनाव में है। दरअसल यह दोहरी हत्या कोई सामान्य लगने वाली घटना नहीं है, बल्कि पति-पत्नी की हत्या हुई है…और दोनों की लाशें सिरविहीन उनके घर से मिली हैं….

एक पिछड़े इलाके में एक आदिवासी दंपति की निर्मम हत्या को लेकर पुलिस भी असमंजस में है। पुलिस को यह समझ नहीं आ रहा है कि ये हत्याएं क्यों की गई हैं.. बहरहाल पुलिस ने दोनों लाशों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्ट के लिए भेज दिया है। उसने इन हत्याओं की जांच भी शुरू कर दी है। लेकिन जिस धारदार हथियार से दोनों पति-पत्नी के सिर काटे गए थे, वह नहीं मिला है।–पुलिस उसे ढूंढने में लगी है..

इधर आदिवासी दंपति के छोटे बेटे ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने बताया है कि 20 वर्ष पहले उसकी मां पर डायन होने का आरोप लगा था। तब गांव की तरफ से उसपर जुर्माना लगाया गया था…पुलिस के लिए जांच का यह भी एक एंगल हो सकता है। —byte लड़का

आदिवासी दंपति की हत्या का और क्या कारण हो सकता है, पुलिस इसकी तहकीकात करेगी। लेकिन फिलहाल गांंव में डर का माहौल है। इस मामले में ग्रामीवासी कुछ कहने से बचते दिखाई दिये।

 

 

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